कानपुर, अक्टूबर 29 -- Kanpur News: सरवनखेड़ा, संवाददाता। धान की कीमतों में आए बंपर उछाल से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। पिछले साल जिस उपज को बेचने के लिए किसानों को खरीदारों का इंतजार करना पड़ता था, इस बार उसी फसल की खरीद के लिए व्यापारी खेतों और खलिहानों तक पहुंच रहे हैं। बाजार में मांग बढ़ने से किसान हार्वेस्टर से मड़ाई कराने के बाद सीधे खलिहान से ही उपज बेच रहे हैं। इससे उन्हें बेहतर कीमत मिलने के साथ ढुलाई का खर्च और फसल को सुरक्षित रखने की चिंता भी कम हो रही है। धान की कीमतों में आए बदलाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले वर्ष 1700 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाला पतला धान सरबती और 1692 इस बार 2800 से 3000 रुपये तक पहुंच गया है। इस तरह किसानों को बीते साल की तुलना में करीब एक हजार से 1300 रुपये प्रति क्विंटल तक अधिक द...