कानपुर, अक्टूबर 16 -- Kanpur News: कानपुर, प्रमुख संवाददाता। किसी कारोबारी को टैक्स संबंधी सलाह देने भर से चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) को अपराध में भागीदार नहीं माना जा सकता। इसके लिए उसकी भूमिका, मंशा और मिलीभगत के साक्ष्यों को देखना जरूरी है। वहीं, जीएसटी जांच के नाम पर अधिकारी भी कानून में तय प्रक्रिया और अधिकारों की सीमा से बाहर कार्रवाई नहीं कर सकते। शुक्रवार को कानपुर जीएसटी सीए एसोसिएशन की ओर से गंगेज क्लब में आयोजित संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने इन अहम मुद्दों पर चर्चा की। संगोष्ठी में आठ अक्टूबर को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक के निर्णयों के बारे में वरिष्ठ सीए धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने विस्तृत जानकारी दी। पुणे से आईं मुख्य वक्ता सीए रेखा धमाकर ने सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी एजेंसियों की जांच में टैक्स प्रोफेशनल्स की भूमिका और अ...