कानपुर, जुलाई 14 -- Kanpur News: रसूलाबाद/ सरवनखेड़ा, संवाददाता। परिषदीय स्कूलों के जर्जर भवनों पर भले ही काफी काम किया गया है, लेकिन अभी भी तमाम स्कूलों में जर्जर छतों के नीचे ही बच्चे पढ़ रहे है। कुछ स्थानों पर जर्जर भवनों को गिरा दिया गया है लेकिन जहां इंतजाम नहीं है वहां इन्हीं जर्जर छतों के नीचे बैठकर छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे है। इसके अलावा किचन और शौचालयों पर शायद अभी नजर नहीं गई है, जबकि बच्चे इनका भी प्रयोग करते हैं। सोमवार को आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' ने इसकी पड़ताल की तो कई स्कूलों में जर्जर इमारतों के नीचे बच्चे बैठे मिले। लालाभगत स्कूल गिराया लेकिन एकल कक्ष पर नहीं दिया ध्यान यह भी पढ़ें- जर्जर स्कूलों में टपकती छतों के नीचे पढ़ने को मजबूर बच्चेजर्जर भवनों की स्थिति रसूलाबाद ब्लॉक के लालाभगत गांव स्थित प्राइमरी स्कूल का गि...