कानपुर, अक्टूबर 8 -- Kanpur News: कानपुर देहात,संवाददाता। डाकिया डाक लाया का युग तकनीकि के दौर में जरुरी कागजों के आवागमन तक सिमट कर रह गया है। सरकारी दफ्तरों से भी पत्राचार का दायरा महज कागजी कोरम तक सिमट रहा है। अब डाक की जगह तकनीकि ने ले ली है। बदलाव की बयार से डाक विभाग भी अछूता नहीं रह सका है। सरकारी दफ्तरो में भी डाक भेजना भी बिसरे दिनों की बात हो रही है। डिजिटल क्रांति ने डाकिया के काम को भी काफी हद तक बदला है। दफ्तरों में भी अब ई-मेल को प्राथमिकता और प्रमाणिकता दी जा रही है। गांव-गली तक चिट्ठी पहुंचाने वाले डाकिये अब गांव की तंग गलियों में डाक के साथ अन्य डाक विभाग की योजनाए भी पहुंचा रहे है। विभाग की ओर से पैसे प्रदान करने,जीवन बीमा सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए डाकियों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। तकनीकि के बदलाव की ब...