कानपुर, अगस्त 14 -- Kanpur News: सिकन्दरा। शासन के विकास कार्य तो वैसे भी नगरों तक ही सीमित होते हैं और यमुना पट्टी के आखिरी छोर तक पहुंचते-पहुंचते या तो उनकी गति मध्यम होते-होते शून्य हो जाती है। उनकी एकमात्र मार्ग सुविधा ही उन्हें आवागमन में राहत देती है। ऐसे मे घाट संचालकों की नजर पड़ते ही ग्रामीण मार्ग सुविधा से भी वंचित हो जाते हैं। सिकन्दरा तहसील में महटौली से गौहानीं बांगर तक करीब 7 किलोमीटर जाने के लिए एकमात्र संपर्क मार्ग ही सहारा है। भुपइयापुर बालू घाट से ओवरलोड वाहनों के गुजरने से संपर्क मार्ग समझ में नहीं आता कि गड्डों में सपर्क मार्ग है या कि संपर्क मार्ग में गड्डे हैं। घाटों के संचालन से पूर्व आला अफसरों द्वारा घाट संचालकों को निर्देशित किया जाता है कि घाट का काम बंद होने से पहले मार्ग को दुरुस्त किया जाए। घाटों के संचालन से ...