कानपुर, अगस्त 23 -- Kanpur News: कानपुर देहात, संवाददाता। जनपद में सावन का महीना खत्म होने वाला है, लेकिन आसमान में छाने वाले बादल चकमा देकर निकल रहे हैं। अलग- अलग स्थानों पर होने वाली रिमझि़म बारिश से धान की फसल को कुछ राहत तो मिल रही है। लेकिन जरूरत के हिसाब से पानी नहीं मिलने से किसान मायूस हैं। मानसून के कमजोर पड़ने और औसत से काफी कम बारिश होने से सूखे जैसे हालात बन रहे हैं। वहीं बदली की धूप और उमस से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। जिले के कुल सिंचित क्षेत्रफल 200996 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में 66992 हेक्टेयर में सिंचाई नहरों से होती है,जबकि 464 राजकीय नलकूपों से 6682 हेक्टेयर और निजी नलकूपों से 85807 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई की जाती है। जबकि यहां के अधिकांश किसान खरीफ की फसलों की सिचाई के लिए बारिश पर ही निर्भर रहते है। इस साल जिले में जु...