कानपुर, सितम्बर 4 -- Kanpur News: कानपुर, मुख्य संवाददाता। नगर निगम के प्रवर्तन प्रभारी कर्नल आलोक नरायण का इस्तीफा अफसरों के गले की फांस बन गया है। यूं कहें कि इस मुद्दे पर सांप-छछुंदर वाली स्थिति हो गई है। समस्या यह है कि इस इस्तीफे की संस्तुति करके अफसर शासन को पत्र भेजते हैं, वहां से पूछा जाएगा कि इन मुद्दों पर आप लोग क्या कर रहे थे? अगर संस्तुति के साथ इस्तीफे का पत्र नहीं भेजते तो दिक्कत यह है कि कर्नल आलोक नरायण अपने निर्णय से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। कर्नल आलोक नरायण ने पद से इस्तीफे के लिए भेजे पत्र में 90 दिन के नोटिस पीरियड का भी पालन किया है। अगर उनका इस्तीफा नोटिस पीरियड पूरा करने के साथ स्वीकार किया जाता है तो वह तीन माह तक बने रहेंगे। अगर इस्तीफा पहले ही स्वीकार करके उन्हें कार्यमुक्त कर दिया जाता है तो तीन माह के वेतन ...