कन्नौज, अक्टूबर 29 -- Kannauj News: कन्नौज, संवाददाता। बाजार में बिक रहे दूध, मावा, पनीर, घी और मिठाइयों की गुणवत्ता परखने की व्यवस्था खुद कई चुनौतियों से जूझ रही है। जिले में खाद्य पदार्थों की विस्तृत जांच के लिए स्थायी प्रयोगशाला नहीं है। नमूने जांच के लिए लखनऊ, आगरा और वाराणसी समेत दूसरे शहरों में भेजने पड़ते हैं। दूसरी ओर, खाद्य सुरक्षा विभाग में कर्मचारियों की कमी और रिपोर्ट मिलने में 15 से 45 दिन तक लगने की स्थिति निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करती है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तीन वित्तीय वर्षों में 760 नमूने लिए गए। इनमें 333 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। इस अवधि में 377 मुकदमे दर्ज करने और 60.90 लाख रुपये जुर्माना लगाने का विवरण दिया गया है। हालांकि, वर्षवार आंकड़ों और कुल योग में अंतर होने के कारण रिकॉर्ड...