नई दिल्ली, मई 10 -- Jyeshtha Adhik Maas 2026: हिंदू पंचांग में अधिक मास या मलमास को भगवान विष्णु का प्रिय मास माना जाता है। साल 2026 में ज्येष्ठ अधिक मास 17 मई से 15 जून तक रहेगा। इस दौरान सामान्य महीनों की तुलना में दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। शास्त्रों के अनुसार, अधिक मास में किया गया दान अक्षय फल देता है। पापों का नाश होता है, रुके हुए काम बनते हैं और किस्मत चमकने लगती है। इस पावन मास में कुछ विशेष चीजों का दान करने से लाभ कई गुना बढ़ जाता है।अधिक मास का महत्व अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। यह मास भगवान विष्णु को समर्पित है। मान्यता है कि इस महीने में किए गए पुण्य कार्यों का फल सामान्य महीनों से अधिक मिलता है। इस बार ज्येष्ठ मास में पड़ने के कारण इसे ज्येष्ठ अधिक मास कहा जाएगा। इस दौरान व्रत, जप, दान और सत्कर्म करने स...