नई दिल्ली, जुलाई 11 -- वर्षों तक सिविल इंजीनियरिंग की फील्ड में काम करने के बाद 33 साल के एक इंजीनियर ने इस क्षेत्र को लेकर कहा कि इसमें वर्क लाइफ बैलेंस नहीं है। उन्होंने कहा कि वह सिविल इंजीनियरिंग कर पछता रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर उनकी यह पोस्ट तेजी से वायरल हुई और लोगों ने इस पर अपनी जमकर प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि सिविल इंजीनियरिंग में सालों बिताने के बाद अब वह थक चुके हैं और हार मान रहे हैं। रेडिट पर अपनी पोस्ट में उन्होंने बर्नआउट (काम के तनाव से थकान), खराब वर्क कल्चर और करियर में अटके हुए महसूस करने के बारे में बात की।सिविल इंजीनियरिंग चुनने पर पछतावा "मुझे सिविल इंजीनियरिंग चुनने पर पछतावा है" के शीर्षक वाली पोस्ट पर उन्होंने लिखा कि काश उन्होंने कोई दूसरी ब्रांच चुनी होती या करियर की शुरुआत...