नई दिल्ली, अप्रैल 28 -- आजकल हर कोई जिंदगी की रेस में आगे निकलने वाली रेस में भागे जा रहा है और इसी वजह से लोग हंसना और रुककर सांस लेना भूल चुके हैं। अपनों के पास बैठकर बातें करने का समय नहीं है और ना ही खिलखिलाकर हंसने का। सुबह उठते ही काम के लिए भागने की टेंशन और वापिस लौटने पर थकान रहती है। जो समय बचता है, उसमें लोग मोबाइल चलाने में लगे रहते हैं। अगर आप भी ऐसा ही कर रहे हैं, तो थोड़ा ठहर जाइये। आपको एक ही जिंदगी मिली है और उसमें इतनी टेंशन लेंगे तो दिमाग किसी दिन गुब्बारे की तरह फट जाएगा। थोड़ा चिल करें और अपनों को मजेदार चुटकुले सुनाते हुए खुद भी खिलखिलाकर हंसे और दूसरों को भी हंसाएं। ऐसा करने से आप खुश होंगे और अपनों के साथ समय भी मिलेगा। 1) एक बार क्लास में टीचर पप्पू से पूछ रहा था टीचर- पप्पू एक तरफ पैसा है और दूसरी तरफ अक्ल तुम क्...