नई दिल्ली, सितम्बर 12 -- इस साल जीवित्पुत्रिका, यानी जितिया व्रत 14 सितंबर को रखा जाएगा। इस दिन भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि है। इस व्रत में भगवान श्रीगणेश, माता पार्वती और शिवजी की पूजा होती है। शाम के समय प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा कर कथा सुननी चाहिए। इस व्रत को लेकर दो कथाएं प्रचलित हैं, जिसमें एक सियारन की और दूसरी राजा जीमूतवाहन की कथा है। यहां हम नीचे दोनों कथाएं दे रहे हैं, जहां से आप इसे पढ़ सकते हैं। कथा इस प्रकार है। - चिल्हो -सियारो की कथा जीवित्पुत्रिका व्रत में चिल्हो सियारो की कथा सुनी जाती है। कथा इस प्रकार है-एक वन में सेमर के पेड़ पर एक चील रहती थी। पास की झाड़ी में एक सियारिन भी रहती थी, दोनों आपस में दोस्त थीं। चिल्हो सियारिन से इतना प्यार करती थी कि वो जो कुछ भी खाने को लेकर आती थी, उसमें से सियारिन के लिए जरूर देत...
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