झांसी, अक्टूबर 21 -- Jhansi News: झांसी, संवाददाता। अंबे-अंबे, जय मां अंबे, ..जोर से बोला ..जय माता दी, ..काली..काली जय मां काली, ..सड़कों पर उड़ता रंग-अबीर-गुलाल, ....थिरकता माहौल और मौका दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का। बीती 11 अक्तूबर को जिस तरह मां अंबे घर-घर विराजीं थीं मंगलवार को उससे कहीं उम्दा अंदाज में उनकी विदाई हुई। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों के साथ दुर्गा प्रतिमाओं की विसर्जन यात्रा निकली तो रानी का शहर झांसी सड़कों पर उतर आया। गांवों से शहर तक गली-मोहल्ले, चौक-चौराहों, प्रमुख सड़कों पर मैया के दर्शन को आस्था का मेला लगा रहा। जगह-जगह भंडारे बांटे गए। लोगों ने भी माथे से लगाकर खूब हवला-पूरी ग्रहण किए। दिल-खोलकर लोगों ने भंडारे बांटे तो प्रसाद पाने वाले भी कम न थे। अंबे माता की विदाई बेला पर नगर में होली-दीवाली सा माहौल रहा। जमकर रंग उड़ा ...