झांसी, सितम्बर 6 -- Jhansi News: झांसी। अतिशय क्षेत्र करगुवांजी में चल रहे 1008 भक्तामर महा मण्डल आराधना विधान में रविवार को गणिनी आर्यिका 105 विशाश्री माताजी ने मंगल देशना देते हुए कहा कि दोष रुपी अवगुणों को अंगीकार न करते हुए सदैव दूरी बनाकर सात्विक जीवन जीना चाहिए। उन्होंने कहा कि जितने भी लोग दोषों अथवा बुराईयों से न बचकर उनमें रमे रहते हैं यही कारण है कि दोष अथवा बुराईयां उनका पीछा नहीं छोड़ती और उसको घेरे ही रहती हैं जिससे जीव संसार सागर में अनंतकाल तक भटकता रहता है और ईश्वर की शरण पाकर सद्गति प्राप्त नहीं कर पाता है। उन्होंने अभक्ष वस्तुओं के सेवन से बचने की सलाह देते हुए कहा कि कम से कम एवं सात्विक आहार लेना चाहिए। इससे पूर्व रविवार के पुण्यार्जक लक्ष्मी जैन, सत्यजीत श्वेता जैन, शास्वत जैन बड़कुल परिवार करगुवां, सेवानिवृत्त उद्यान न...