झांसी, सितम्बर 27 -- Jhansi News: झांसी, संवाददाता। पूर्वजों का ध्यान, स्मरण और पूजन। शनिवार से पितर पक्ष शुरू हुए। बुंदेले पुखरों की याद में मग्न हो गए। घर-घर स्वास्तिक माहौल हो गया है। रविवार भोर से नदी, तालाब, पोखरों सहित अन्य जलस्रोतों पर आचार्यों ने मंत्रोच्चारण किए तो एक साथ कतार में बैठक लोग ..हाथों में कुश, ..घास के छल्ले लिए और जल देकर पितरों को याद कर रहे थे। पिता पक्ष से किसी ने दादा-दादी, परदादा-परदादी तो मां पक्ष से किसी ने नाना-नानी, परनाना-परनानी को जल देकर तर्पण की कामना की। सुबह-सुबह घरों के द्वारे पर रंगोली बनाई गई। पितरों (पूर्वजों) को नमन किया। उन्हें फल-फूल, जल, घरों में बने पकवाए चढ़ाए गए। उन्हें बुलावा भेजा गया। पहूंज नदी, पानी वाली धर्मशाला, लक्ष्मी तालाब, आतिया तालाब, पहूंज डैम, आल्हाघाट, रेलव डैम, नंदनपुरा, नगरा, ...