झांसी, अक्टूबर 9 -- Jhansi News: झांसी, संवाददाता। पितृपक्ष अंतिम पड़ाव में आ गए हैं। शुक्रवार को नदी, तालाब, पोखरों का मुहाना मंत्रोच्चारण से गूंजता रहा। लोगों ने अपने पुरखों को याद कर जल देकर तृपर्ण की कामना की। वहीं शनिवार को पितृ मोक्ष अमावस्या है। अंतिम दिन अगले साल के लिए पितर विदा होंगे। आचार्यों ने पूजन कराएंगे। लोगों ने दादा-दादी, नाना-नानी पक्ष के पूर्वजों का याद कर जल देगें। घर-घर श्रद्धा का खाना-पीना यानी पटा का कार्यक्रम शुरू हो गया है। घरों में बने कच्चे-पक्के पकवान बनाए गए। पूर्वजों को चढ़ाया गया और फिर सुख-समृद्धि की कामना हुई। शुक्रवार सुबह आलहाघाट, आतिया तालाब, लक्ष्मी तालाब, झिन्नों, पहुज नदी, पानी वाली धर्मशाला, लक्ष्मी तालाब, पहूज डैम, अठौदना नहर, डैम, बेतवा नदी सहित अन्य तालाब पोखरों पर खास रौनक रही। एक तरफ पुजारियों द...