जौनपुर, अक्टूबर 27 -- Jaunpur News: जौनपुर, संवाददाता। बीआरपी इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित श्रीरामकथा के छठवें दिन कथाव्यास आचार्य शांतनु महाराज ने अयोध्याकांड, श्रीराम वनगमन, केवट संवाद और उर्मिला के त्याग सहित कई प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान भगवान श्रीराम के वनगमन और केवट संवाद के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के मुख्य आयोजक ज्ञान प्रकाश सिंह ने निषाद समाज के लालजी निषाद को मंच पर सम्मानित किया। आचार्य शांतनु महाराज ने कहा कि जो पति को पतन से बचा ले वही धर्मपत्नी है। थोड़ा सा सत्संग मिल जाए तो जीवन धन्य हो जाता है, जबकि एक क्षण का कुसंग जीवन को नरक की ओर ले जा सकता है। सत्संग मनुष्य को अच्छे मार्ग पर ले जाता है, वहीं कुसंग उसे पतन की ओर धकेलता है। उन्होंने मंथरा और कैकेयी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए क...