जौनपुर, जुलाई 6 -- Jaunpur News: जौनपुर। खरपतवारों में मोथा फसलों का विशेष शत्रु है। यह कीडें़-मकोड़ों से भी अधिक नुकसान पहुंचाता है। आलू की फसल के लिए तो मोथा नामक यह घास अत्यंत नुकसान दायक साबित होती है। किसान यदि इससे निजात पाना चाहें तो आलू बोने वाले खेत में इस समय तिल की बुआई कर दें। तिल मोथा को समाप्त कर देगा जिससे आलू की फसल अच्छी होगी। जिले के किसान तिल की खेती मक्का, बाजरा, उर्द तथा अरहर के साथ खरीफ सीजन में करते हैं। उत्पादकता कम होने के नाते किसान इसकी बुआई कम करते हैं। लेकिन तेल की उपयोगिता को देखते अब अधिक क्षेत्र में बुआई करने की जरूरत है। तिल की बुआई करने के लिए उचित समय जुलाई का दूसरा पखवारा है। समय से पहले बुआई करने पर पौधे फाइलोडी नामक रोग से ग्रसित हो जाते हैं। तिल की बुआई हल के पीछे लाइन में 30 से 45 सेमी की दूरी पर करे...