अयोध्या, अगस्त 31 -- राम मंदिर समेत अयोध्या के सभी मंदिरों में इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व चार सितंबर को मनाया जाएगा। जन्माष्टमी की तिथि और रोहिणी नक्षत्र को लेकर इस बार कोई मतभेद नहीं है। ऐसे में अलग-अलग परंपराओं से जुड़े वैष्णव संत और गृहस्थ एक ही दिन भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्योत्सव मनाएंगे। राम मंदिर में आयोजन और व्यवस्थाओं को लेकर धार्मिक न्यास समिति की बैठक सोमवार को होगी।तैयारी शुरू वैष्णव परंपरा में रामनवमी, जानकी नवमी, जन्माष्टमी और हनुमान जयंती (कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी व चैत्र पूर्णिमा) विशेष पर्वों की श्रेणी में हैं। इन्हें अनिवार्य रूप से मनाया जाता है। संत-साधक उपवास रखकर अनुष्ठान करते हैं और उत्सव भी मनाते हैं। धार्मिक न्यास समिति ने इन पर्वों के अलावा अलग-अलग तिथियों में मनाए जाने वाले लोक पर्वों को भी महत्व दिया है...