जमुई, अक्टूबर 11 -- Jamui News: झाझा,निज संवाददाता झाझा स्थित बंगाली समुदाय के आधिपत्य वाला मां बारोवारी दुर्गा का दरबार किसी तरह की भी हाई-फाई या आधुनिकता की दौड़-होड़ में शामिल नहीं होते हुए एक बार फिर अपनी पारंपरिक सादगी व सौम्यता के आवरण में लिपटा नजर आने वाला है। पर,इसकी सादगी की खूबसूरती का भी कोई सानी नहीं है। यह पंडाल चूंकि बंगाली समाज की रहनुमाई में तैयार होता है,ऐसे में बंगाल की संस्कृति की झलक पूरे परिसर के हर ईंच,हर कदम पर देखने को मिलती है। आर्थिक परेशानियों के बावजूद,इस दरबार की अपनी कुछ अलग ही विशेषता व विशिष्टता है जो इसे अन्य पूजा पंडालों से अलग मुकाम देती है। अपने भक्तों को एक दिन पूर्व यानि षष्ठी के ही दिन दर्शन देने वाली मां बारोवारी के दरबार में षष्ष्ठी से ही बंगाल में होने का एहसास कराने लगती है। अन्य पंडालों के बीच भव...