जमशेदपुर, अगस्त 25 -- Jamshedpur News: जमशेदपुर। कभी नक्सली गतिविधियों के कारण दहशत का पर्याय रहे पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा जंगल में अब रोजगार और स्वरोजगार की नई संभावनाएं तैयार हो रही हैं। नक्सल गतिविधियों में कमी के बाद ग्रामीणों की जंगल तक पहुंच आसान हुई है। अब वन विभाग स्थानीय वन उपज को रोजगार से जोड़ने के लिए सारंडा में 100 से अधिक साल प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। वन विभाग के अनुसार, अब तक 70 साल प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि करीब 40 और यूनिट लगाए जाएंगे। इन इकाइयों में ग्रामीणों द्वारा संग्रह किए गए साल के पत्तों का प्रसंस्करण कर दोना, पत्तल और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इससे ग्रामीणों को कच्चे पत्ते बेचने के बजाय तैयार उत्पादों से अधिक आय हासिल करने का अवसर मिलेगा。 यह भी पढ़ें- 5 सित...