जमशेदपुर, अक्टूबर 10 -- Jamshedpur News: जमशेदपुर। साहित्य कला फाउंडेशन की ओर से आयोजित दो दिवसीय साहित्यिक महाकुंभ छाप 3.0 का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। बिष्टूपुर के होटल में सुबह से शाम तक चले आयोजन में किताबों व एआई की प्रासंगिकता पर तो बातें हुईं। साथ ही आदिवासी साहित्य में स्त्री समेत किताबों के बहाने समाज व सांसारिक दुनिया पर भी काफी चर्चा हुई। इस दौरान आदिवासी साहित्य में स्त्री विषय पर बोलते हुए संताली साहित्यकार पद्मश्री डॉ. दमयंती बेसरा और दुमका से आईं वरिष्ठ संताली साहित्यकार निर्मला पुतुल ने अपने अनुभव साझा किए। डॉ. दमयंती बेसरा ने कहा कि मुख्यधारा की तुलना में आदिवासी समाज अधिक समतावादी और स्त्री प्रधान है, लेकिन संताली समाज के भीतर भी अब पितृसत्तात्मक सोच और रूढ़िवादिता अपनी जड़ें जमाने लगी है, जिसका प्रभाव महिला रचनाकारों के ...