जमशेदपुर, सितम्बर 21 -- Jamshedpur News: बिरसानगर आदिवासी हो समाज कल्याण समिति भवन, जोन नंबर-2 में ओत गुरु कोल लाको बोदरा की 107वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण और श्रद्धासुमन अर्पित कर हुई। अध्यक्ष ज्ञान सिंह बंदिया ने कहा कि लाको बोदरा ने आदिवासी समाज के उत्थान के लिए जीवन समर्पित कर दिया था। उन्होंने 1940 में वारंगक्षिति लिपि की खोज की और इसे जन-जन तक पहुंचाकर विशिष्ट पहचान दिलाई। वे महान शिक्षाविद और समाज सुधारक भी थे। आयोजन को सफल बनाने में संतोष पूर्ति, परगना बारी, संजीव बोदरा, संयुक्ता बारी, ललिता कुंकल, हेमवती कुंटिया, कविता पुरती, पूर्णिमा सामड, सुनीता मेलगांडी, मोती बानरा और शिवनाथ बानरा समेत समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यह भी पढ़ें- बिदरी गाँव में आदिवासी हो समुदाय ने मनाया लाको बोदरा की ज...