जमशेदपुर, अगस्त 4 -- Jamshedpur News: मां का दूध हर नवजात के लिए सबसे बेहतर आहार माना जाता है, लेकिन समय से पहले जन्म लेने वाले यानी प्रीमेच्योर बच्चों के लिए इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। सामान्य समय पर जन्मे बच्चे की तुलना में प्रीमेच्योर की रोग प्रतिरोधक क्षमता, पाचन तंत्र और कई अंग पूरी तरह विकसित नहीं होते। ऐसे में मां का दूध उनके लिए सिर्फ पोषण नहीं, बल्कि संक्रमण से बचाव और स्वस्थ विकास का महत्वपूर्ण सहारा बन जाता है। कोल्हान में करीब 40 फीसदी बच्चों के प्रीमेच्योर पैदा होने की बात सामने आई है। हालांकि एमजीएम में कमजोर वर्ग की संख्या ज्यादा आती है, जिसके कारण यह संख्या एमजीएम में ज्यादा है। यहां की प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. ऊषा कुमारी ने बताया कि एमजीएम अस्पताल में हर महीने करीब 450 डिलीवरी होती हैं। इनमें लगभग 50 फीसदी बच्चे प्रीमे...