जमशेदपुर, अक्टूबर 30 -- Jamshedpur News: जमशेदपुर। झारखंड में बिजली टैरिफ निर्धारण की प्रक्रिया में देरी पर अब स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी), बिजली उत्पादन कंपनियों और ट्रांसमिशन लाइसेंसी पर आर्थिक दंड लगाया जा सकेगा। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने निर्धारित समयसीमा के भीतर टैरिफ याचिका दाखिल नहीं करने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान किया है। साथ ही संबंधित संस्थाओं की कैरिंग कॉस्ट यानी वहन लागत की अनुमति भी रोकी जा सकेगी। इस संबंध में आयोग ने तीन अलग-अलग विनियमों में संशोधन कर अधिसूचनाएं जारी की हैं। संशोधित प्रावधानों के अनुसार, यदि एसएलडीसी निर्धारित समयसीमा में टैरिफ याचिका दाखिल नहीं करता है, तो आयोग कैरिंग कॉस्ट की अनुमति नहीं देने के अतिरिक्त जुर्माना भी लगा सकेगा। बिजली उत्पादन कंपनियों और ट्रांसमिशन लाइसेंसी पर भी निर्धार...