जमशेदपुर, अक्टूबर 16 -- Jamshedpur News: झारखंड के जंगलों के लिए चिंता का विषय बन चुके आक्रामक खरपतवार लैंटाना को अब प्रबंधन संस्थान एक्सएलआरआई जमशेदपुर ने एक बड़े अवसर और रोजगार के साधन में बदलने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। जंगलों में तेजी से फैलने वाला रायमुनिया या कुटुस (तांतानी) नाम से प्रसिद्ध यह खरपतवार यहां की स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को काफी नुकसान पहुंचा रहा है, लेकिन अब इसके बायोमास को बायोचार यानी एक प्रकार के पर्यावरण-अनुकूल कोयले में परिवर्तित करने की अनूठी पहल की गई है। झारखंड सरकार को सुझाए गए मास्टर प्लान में एक्सएलआरआई जमशेदपुर ने इसका उल्लेख किया है। एक्सएलआरआई के फादर अरूपे सेंटर फॉर इकोलॉजी एंड सस्टेनेबिलिटी के चेयरपर्सन डॉ. टाटा एल रघु राम के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया के तहत तकनीकी साझेदारों की मदद से जंगलों से...