जमशेदपुर, अक्टूबर 25 -- Jamshedpur News: एमजीएम में मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करने के लिए पांच सरकारी एंबुलेंस हैं, लेकिन चालकों की कमी के कारण मरीजों को इनका लाभ नहीं मिल पाता। नतीजतन, ज्यादातर मरीजों को निजी एंबुलेंस से दूसरे अस्पतालों तक जाना पड़ता है। इसका सीधा असर मरीजों की जेब पर पड़ता है। अस्पताल परिसर और इमरजेंसी के बाहर खड़ी निजी एंबुलेंस के चालक रेफर होने वाले मरीजों के परिजनों से संपर्क करते हैं। आरोप है कि कई बार सरकारी एंबुलेंस में चालक उपलब्ध नहीं होने या एंबुलेंस खराब होने की बात कहकर मरीजों को निजी एंबुलेंस से जाने के लिए मजबूर किया जाता है। एमजीएम से रोजाना औसतन छह मरीज रेफर होते हैं। इनमें कुछ को रांची स्थित रिम्स भेजा जाता है, जबकि अन्य मरीज टीएमएच, ब्रह्मानंद, मर्सी अस्पताल, टाटा मोटर्स अस्पताल, ईएसआई अस्पताल ...