जमशेदपुर, अगस्त 30 -- Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम के आदिवासी बहुल इलाकों में शुक्रवार को गोमहा पर्व पारंपरिक श्रद्धा, उमंग और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सरजामदा, तालसा, बालीगुमा और पोंडेहासा समेत कई क्षेत्रों में विशेष रौनक रही। कृषि के पहले चरण यानी रोपनी का काम पूरा होने और खेतों में धान लहलहाने के जश्न के रूप में मनाए गए इस पर्व में प्रकृति और कृषि संस्कृति एक साथ दिखी। सुबह से घरों की साफ-सफाई के बाद लोगों ने नए वस्त्र धारण किए। विधि-विधान से पूर्वजों और इष्ट देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की गई। ग्रामीण संस्कृति के प्रतीक जिल पीठा और लेटो की महक हर घर में रही। परिवारों ने एक साथ बैठकर इन व्यंजनों का आनंद लिया। यह पर्व कृषि समृद्धि और आभार से जुड़ा माना जाता है। शाम ढलते ही गांवों के आखड़ा परिसर में ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे। ...