जमशेदपुर, अगस्त 15 -- Jamshedpur News: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर के धातुकर्म एवं पदार्थ अभियांत्रिकी विभाग के शोधार्थी शोधार्थी ने जैव-चिकित्सकीय इम्प्लांट के लिए उन्नत कोटिंग विकसित की है। इससे अब शरीर में उपयोग होने वाले धातु के इम्प्लांट को अधिक टिकाऊ, सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सकेगा। इस उन्नत कोटिंग को एनआईटी के शोधार्थी कमल बहादुर यादव ने विकसित किया है। अपने पीएचडी शोध कार्य के तहत कमल ने जैव-चिकित्सकीय इम्प्लांट के लिए विशेष जैव-सक्रिय कोटिंग विकसित की है। वर्तमान समय में हड्डियों या जोड़ों की सर्जरी में उपयोग होने वाली टाइटेनियम मिश्र धातु के इम्प्लांट्स के साथ कम जैव-सक्रियता, घिसाव, संक्षारण और दीर्घकालिक उपयोग में आने वाली समस्याएं जुड़ी होती हैं। इस समस्या का समाधान करते हुए शोध में हाइड्रॉक्सीएपेटाइट...