नई दिल्ली, मार्च 18 -- प्रॉपर्टी खरीदने वालों और हाई-वैल्यू रियल एस्टेट डील करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। दिल्ली की आयकर अपीलीय अधिकरण (ITAT) ने एक अहम फैसले में कहा है कि बिल्डर द्वारा दिया गया डिस्काउंट या रिबेट हर बार टैक्स के दायरे में नहीं आता। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब टैक्स विभाग बड़े लेनदेन पर कड़ी नजर रख रहा है।23 करोड़ के फ्लैट पर मिला 9.8 करोड़ का डिस्काउंट फाइनेंशियल टाइम्स की खबर के मुताबिक यह मामला गुरुग्राम के एक लग्जरी फ्लैट से जुड़ा है। यहां एक खरीदार ने करीब 23.13 करोड़ रुपये में फ्लैट खरीदा, जबकि उसकी लिस्टेड कीमत लगभग 32.95 करोड़ रुपये थी। यह भी पढ़ें- इनकम टैक्स में 7 बड़े बदलाव: 1 अप्रैल से बदल जाएगा टैक्स का पूरा गणित करीब 9.8 करोड़ रुपये का अंतर बिल्डर द्वारा डिस्काउंट के रूप में दिया गया था। यह छूट स...
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