नई दिल्ली, सितम्बर 5 -- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में प्राइवेट सेक्टर की बढ़ती भागीदारी को लेकर पहली बार कर्मचारियों के 9 संगठनों ने चिंता जताई है। इन्होंने अंतरिक्ष विभाग के सचिव और इसरो अध्यक्ष को पत्र भेजकर सरकार की नीति और ISRO की भविष्य की भूमिका पर लिखित जवाब गा है। 4 सितंबर के प्रतिनिधित्व में हजारों कर्मचारियों की ओर से सवाल उठाए गए हैं। संगठनों ने कहा कि वे कॉमर्शियल गतिविधियों में निजी क्षेत्र की भागीदारी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन नीति में बदलाव की जानकारी कर्मचारियों को दी जानी चाहिए। यह भी पढ़ें- कांग्रेस, CJP समर्थकों के बीच क्रेडिट वॉर; युवाओं को अपने पाले में लाने की होड़ कर्मचारी संगठनों ने आशंका जताई कि कहीं ISRO को धीरे-धीरे केवल रिसर्च और डेवलपमेंट तक सीमित न कर दिया जाए। उन्होंने इन-स्पेस के अध्यक्ष पवन गोयन...