नई दिल्ली, अगस्त 23 -- यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। कई बार लगातार असफल होने के बाद उम्मीदवारों का हौसला टूट जाता है, लेकिन सारिका चौधरी की कहानी अलग है। उनकी कहानी ये बताती है कि अगर असफलताओं के बाद भी अगर कोशिश जारी रखी जाए, तो मंजिल मिल सकती है। स्कूल और कॉलेज में टॉपर रहीं सारिका ने JNU से पीएचडी की पढ़ाई छोड़कर UPSC की तैयारी शुरू की। शुरुआती चार प्रयासों में वह प्रीलिम्स तक पास नहीं कर सकीं। इतना ही नहीं उन्हें बीमारी ने भी खूब परेशान किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और पांचवें प्रयास में ऑल इंडिया 548वीं रैंक हासिल कर IPS बनीं।सहारनपुर की नई ASP बनीं सारिका चौधरी बता दें कि सारिका चौधरी इस वक्त चर्चे में हैं। क्योंकि 20 अगस्त 2026 को यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने साल 2023 व 2024 बैच...