नई दिल्ली, अगस्त 25 -- कहते हैं कि कोशिश करने वालों की हार नहीं होती है। इस पंक्ति पर बिल्कुल सटीक बैठती है नविता कुमारी की कहानी। जब उन्होंने यूपीएससी की तैयारी करना शुरू किया था, तब उन्हें बिल्कुल पता नहीं था कि उन्हें अटेंप्ट पर अटेंप्ट देना पड़ेगा। पर उन्होंने भी ठान लिया था कि कुछ भी हो जाए इसे क्रैक करना ही है और अपने सपनों को हकीकत में बदलना है। इसके लिए चाहे, तो आखिरी अटेंप्ट तक भी देना पड़े, लेकिन हार नहीं माननी है। ये सब तब हो रहा था जब वो रोज 9 घंटे की जॉब के बाद घर आकर यूपीएससी की तैयारी में लग जाती थीं। जी हां, आखिरकार उनकी मेहनत काम आई और 5वें अटेंप्ट में यूपीएससी क्रैक कर आईपीएस बनीं। इनकी कहानी काफी प्रेरणादायक है। चलिए आज सक्सेस स्टोरी में बात नविता कुमारी की।पढ़ाई के बाद जॉब नविता कुमारी काफी पढ़ी-लिखी हैं। उन्होंने अपनी...