नई दिल्ली, अगस्त 24 -- कहते हैं कि किसी हुनर को सीखने या फिर पढ़ाई करने की कोई उम्र नहीं होती है। जब जागो तभी सबेरा। कुछ ऐसी ही कहानी है आईपीएस एन अंबिका की। जिन्होंने उस वक्त अपने जीवन और करियर को नई दिशा देने की कोशिश की, जहां पहुंचकर ज्यादातर लोगों को लगता है, अब कुछ नहीं कर सकते हैं। यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा देश की कठिन परीक्षाओं में से एक है। जिसे क्रैक करने के बाद लोग आईएएस और आईपीएस बनते हैं। इसे क्रैक करना आसान नहीं होता है। उम्मीदवारों को खूब मेहनत करनी पड़ती है। एन अंबिका ने भी जब इसे क्रैक करना का सपना देखा, तो उन्हें इस बात का बिल्कुल पता नहीं था, वो इसे क्रैक कर पाएंगी। क्योंकि उनके सामने एक नहीं बल्कि कई ऐसी चुनौतियां थी, जो इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए बाधा बन रही थी। कम उम्र में शादी, फिर 2 बच्चों की मां बनीं,...