नई दिल्ली, अगस्त 12 -- IPS Archita Mittal Success Story: खाकी वर्दी को अक्सर कड़े अनुशासन और सख्त प्रशासनिक रवैये के लिए जाना जाता है। लेकिन जब उसी वर्दी के पीछे दया और संवेदनशीलता झलकती है, तो वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन जाती है। ऐसा ही एक दिल छू लेने वाला मामला ओडिशा के कोरापुट जिले से सामने आया है। यहां जेपोर में सब-डिवेशनल पुलिस ऑफिसर (SDPO) के पद पर तैनात आईपीएस अर्चिता मित्तल ने सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा बोल बम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की जिस तरह सेवा की, उसकी हर जगह सराहना हो रही है।वर्दी में जमीन पर बैठकर दबाए कांवड़ियों के पैर सावन के सोमवार को प्रसिद्ध गुप्तेश्वर मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए हजारों 'बोल बम' श्रद्धालु नंगे पैर लंबी यात्रा तय करके पहुंच रहे थे। धूप और कई किलोमीटर की लगातार पैदल या...