नई दिल्ली, जुलाई 31 -- Success Story: सिविल सेवा का सपना पूरा करने के लिए कई लोग वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन मंजिल तक वही पहुंचते हैं जो असफलताओं के बाद भी हार नहीं मानते। छत्तीसगढ़ की पहली महिला IPS अधिकारी अंकिता शर्मा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। उन्होंने सिविल सर्विस की तैयारी के लिए MBA की पढ़ाई बीच में छोड़ दी। UPSC के पहले दो प्रयासों में निराशा हाथ लगी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। तीसरे प्रयास में 203वीं रैंक हासिल कर IPS बनीं। आज नक्सल प्रभावित इलाकों में उनकी बहादुरी के किस्से मशहूर हैं और लोग उन्हें 'लेडी सिंघम' के नाम से जानते हैं।सरकारी स्कूल से शुरू हुई पढ़ाई अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के एक छोटे शहर की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूल से की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई में...