नई दिल्ली, जनवरी 29 -- Pakistan News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नई वैश्विक नीतियों से पिछले एक साल में हालात को काफी बदल दिया है। यूरोपीय देशों समेत दुनिया के तमाम मुल्क अब अमेरिका का विकल्प खोज रहे हैं। इसमें सबसे बड़ी परेशानी पाकिस्तान के लिए खड़ी हो गई है। एक तरफ वह ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने के लिए हामी भर चुका है, लेकिन इसकी फीस चुकाने के लिए शायद उसे एक बार फिर से कर्ज का सहारा लेना पड़े। दावोस में ट्रंप द्वारा घोषित किए गए इस बोर्ड में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी शामिल हुए। इस बोर्ड का मुख्य उद्देश्य मध्य-पूर्व में शांति को स्थापित करके गाजा के पुननिर्माण का है। लेकिन पाकिस्तान के लिए एक परेशानी का सबब बन गया है। एक तरफ तो पैसे वाली बात है, दूसरी तरफ घरेलू स्तर पर भी शहबाज सरकार को विरोध का...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.