नई दिल्ली, जून 7 -- जिंदगी में कुछ ऐसे पल आते हैं जब लगता है कि सब खत्म हो गया। कोई बड़ी परीक्षा खराब हो जाए, मनचाहा कॉलेज न मिले या लगातार निराशाएं हाथ लगें तो भविष्य धुंधला नजर आने लगता है। खासकर छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलता कई बार इतनी बड़ी लगती है कि वे खुद को ही नाकाम समझने लगते हैं। इसी भावना को छूती एक कहानी हाल ही में मशहूर उद्यमी और मोटिवेशनल स्पीकर अंकुर वारिकू ने साझा की है। यह कहानी शौर्य शिखर नाम के एक युवक की है, जिसने कभी खुद को असफल माना था लेकिन कुछ वर्षों बाद अपनी मेहनत से ऐसी सफलता हासिल की जिसकी उसने भी शायद कल्पना नहीं की होगी।IIT-JEE में असफलता ने तोड़ दिया था आत्मविश्वास अंकुर वारिकू के मुताबिक, शौर्य करीब पांच साल पहले उनकी टीम से जुड़े थे। उस समय उनकी जिंदगी में कई तरह की निराशाएं थीं। उन्होंने II...