नई दिल्ली, जुलाई 6 -- इंजीनियरिंग की दुनिया में कदम रखने वाले ज्यादातर नौजवानों का आईआईटी बॉम्बे के ऐतिहासिक कैंपस में जगह का एक ही बड़ा सपना होता है। और अगर इसमें कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE) ब्रांच मिल जाए, तो समझो मेहनत पूरी तरह से सफल हो गई। लेकिन हम सब बहुत अच्छी तरह से जानते हैं कि देश के इन टॉप संस्थानों में दाखिला पाना कोई बच्चों का खेल नहीं है। दिन-रात की पढ़ाई और परीक्षा का तनाव तो बस एक शुरुआत है, असली कश्मकश तो तब शुरू होती है जब जोसा (JoSAA) काउंसलिंग का दौर सामने आता है। आईआईटी बॉम्बे और बीटेक इन सीएसई का शानदार कॉम्बिनेशन हासिल करना जितना मुश्किल है, उससे कहीं ज्यादा दिमाग घुमाने वाला काम काउंसलिंग के दौरान सही और सटीक फैसला लेना होता है। अगर आपको जोसा के राउंड 2 कटऑफ के आधार पर संस्थान में कोई सीट अलॉट हो गई है, तो आगे...