नई दिल्ली, मई 29 -- आज जब लोग ओयो (OYO) का नाम सुनते हैं, तो उनके दिमाग में कम बजट में आसान और भरोसेमंद होटल बुकिंग की तस्वीर उभरती है। लेकिन इस बड़े ब्रांड के पीछे एक छोटे शहर के उस लड़के की कहानी छिपी है, जिसने तय रास्तों पर चलने के बजाय अपने सपनों पर भरोसा किया। हम बात कर रहे हैं रितेश अग्रवाल की, जिन्होंने आईआईटी की तैयारी और कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़कर ऐसा स्टार्टअप खड़ा किया, जो आज भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे चर्चित कारोबारों में गिना जाता है।ओडिशा के छोटे शहर से शुरू हुई कहानी रितेश अग्रवाल का जन्म 16 नवंबर 1993 को ओडिशा के बिसम कटक में हुआ था। उनका परिवार बहुत अमीर नहीं था। पिता छोटा सा इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस चलाते थे और जिंदगी सामान्य तरीके से गुजर रही थी। लेकिन रितेश की सोच बचपन से अलग थी। उन्हें कंप्यूटर, बिजनेस और नए आ...