नई दिल्ली, मई 23 -- Reservation Rules in India: IAS, IPS अधिकारियों जैसे सिविल सेवकों के बच्चों को पिछड़ा वर्ग आरक्षण का लाभ मिलते रहने पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा उठाये गए मौखिक सवालों ने देश में एक बार फिर आरक्षण पर एक बड़ी संवैधानिक बहस छेड़ दी है। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी ने आरक्षण के मूल सिद्धांत पर प्रहार किया है। कोई परिवार किस स्तर पर आकर इतनी सामाजिक प्रगति कर लेता है कि उसे अधिक वंचित नागरिकों के लिए आरक्षण का रास्ता छोड़ देना चाहिए? आपको बता दें कि भारत में आरक्षण की कानूनी व्यवस्था बेहद संरचित और विभिन्न श्रेणियों के आधार पर विभाजित है। आइए समझते हैं कि अलग-अलग श्रेणियों के लिए आरक्षण के मौजूदा और वास्तविक नियम क्या हैं।1. ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर: आय नहीं, पद और प्रतिष्ठा है मुख्य आधार अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए कानूनी सीमाएं ...