नई दिल्ली, फरवरी 28 -- होलिका दहन होली का सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र हिस्सा है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और भक्त प्रह्लाद की भक्ति की याद दिलाता है। लेकिन शास्त्रों और लोक परंपराओं के अनुसार, इस दिन गर्भवती महिलाओं को कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए। गर्भ में पल रहा शिशु बहुत संवेदनशील होता है और होलिका दहन की अग्नि, धुआं और नकारात्मक ऊर्जा से प्रभावित हो सकता है। आइए जानते हैं होलिका दहन के दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए शास्त्रों में बताए गए नियम और सावधानियां।होलिका दहन का धार्मिक महत्व होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा की रात को किया जाता है। यह भक्त प्रह्लाद और होलिका की कथा से जुड़ा है। हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को प्रह्लाद को गोद में लेकर आग में बैठने को कहा था, क्योंकि होलिका को वरदान था कि आग उसे नहीं जलेगी। लेकिन भ...
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