नई दिल्ली, मार्च 2 -- होलिका दहन का पर्व सिर्फ रंगों और उल्लास का नहीं, बल्कि नकारात्मक ऊर्जा, घरेलू कलह, क्लेश और ऊपरी बाधाओं को जलाने का भी प्रतीक है। 2026 में होलिका दहन 2 मार्च को प्रदोष काल में होगा। शास्त्रों और लोक परंपरा के अनुसार इस दिन होलिका पूजन में कुछ विशेष सामग्री और मंत्रों का उपयोग करने से घर में चल रहे झगड़े, तनाव, नजर दोष और ऊपरी बाधा से स्थायी छुटकारा मिल सकता है। होलिका की अग्नि में सही विधि से पूजन करने से परिवार में शांति, एकता और सुख-समृद्धि का वास होता है। आइए जानते हैं होलिका पूजन की विधि और कलह-क्लेश से मुक्ति के विशेष उपाय।होलिका पूजन का शुभ मुहूर्त और महत्व होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा की रात को किया जाता है। 2026 में यह 2 मार्च को शाम के समय शुभ मुहूर्त में होगा। पूजन के लिए स्थानीय पंचांग से सटीक समय देखें, ल...