नई दिल्ली, मार्च 8 -- उत्तर प्रदेश का खूबसूरत शहर महोबा का नाम शायद ही आपने सुना होगा। पहले महोबा बुंदेलखंड में आता था लेकिन 11 फरवरी, 1995 को यह उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से अलग होकर स्वतंत्र जिला बना। 9वीं-12वीं शताब्दी में चंदेल राजाओं के शासनकाल के दौरान महोबा उनकी राजधानी और बुंदेलखंड की 'वीरभूमि' के रूप में प्रसिद्ध था। यहां आपको सांस्कृतिक इतिहास लेकर योद्धाओं की वीरता के किस्से सुनने को मिलेंगे। महोबा को आल्हा-उदल की नगरी भी कहा जाता है और इसे चंदेल राजा की भूमि भी। महोबा में जहां-तहां अद्भुत कारीगरी की झलक विशाल मंदिर, नक्काशीदार इमारतों में दिखती है। साथ ही यहां आल्हा-उदल के नाम से चौराहे भी बने हुए हैं, जो उनकी अलग पहचान कराते हैं। आज हम आपको महोबा से जुड़ा पूरा इतिहास विस्तार से और यहां के मशहूर जगहों के बारे में बताएंगे।चं...