हजारीबाग, सितम्बर 26 -- Hazaribagh News: हजारीबाग, नगर प्रतिनिधि। दशलक्षण पर्यूषण महापर्व के दसवें एवं अंतिम दिन शुक्रवार को उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर भगवान वासुपूज्य के मोक्ष कल्याणक पर श्रद्धालुओं ने निर्वाण लाडू अर्पित किए। दोनों दिगंबर जैन मंदिरों में श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा, पूजन-पाठ एवं आराधना हुई।अर्हम संप्रेषक प्रशांत भैया ने कहा कि आत्मा में रमने का नाम ही उत्तम ब्रह्मचर्य है। उन्होंने कहा कि ब्रह्मचर्य केवल इंद्रिय संयम नहीं, बल्कि परद्रव्यों के प्रति ममत्व छोड़कर आत्मस्वरूप में लीन होने की साधना है।दोपहर में बड़ा बाजार दिगंबर जैन मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो नगर भ्रमण करते हुए पाण्डुकशीला पहुंची। यह भी पढ़ें- Ramgarh News: आत्मा में स्थिर होना ही उत्तम ...