हजारीबाग, नवम्बर 5 -- Hazaribagh News: हजारीबाग, जिला प्रतिनिधि। पंचकोश की साधना से ही चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व का समग्र विकास होगा। इसके लिए हमें सदियों पुरानी भारतीय ज्ञान परंपरा की ओर लौटना होगा और उसे आत्मसात भी करना होगा। यह निष्कर्ष निकला गौतम बुद्ध शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय मुकुंदगंज, हजारीबाग और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के संयुक्त तत्वावधान में 4-5 नवंबर को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में विद्वतजनों के गहन चिंतन और मंथन से। सभी अतिथियों और वक्ताओं ने अपने वक्तव्यों से इस बात पर मुहर लगाई। महाविद्यालय के विवेकानंद सभागार में आईक्यूएसी के तहत आयोजित समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग के कुलपति प्रोफेसर चंद्र भूषण शर्मा ने शिक्षकों को चरित्रवान बनने की नसीहत देते हुए कहा कि इसके लि...