हजारीबाग, अक्टूबर 22 -- Hazaribagh News: हजारीबाग। वरीय संवाददाता हजारीबाग के प्रख्यात साहित्यकार, कवि, संपादक और आलोचक भारत यायावर की कविताएं जीवन के संघर्ष, मानवीय संवेदना और उम्मीद को स्वर देती हैं। उनकी पांचवीं पुण्यतिथि 22 अक्तूबर को है। इस अवसर पर लेखक डॉ भैया विवेक प्रियदर्शी कहते हैं कि जैसे भारत में हजारीबाग है वैसे हजारीबाग में भी एक भारत रहे हैं। जो दुर्भाग्य वश अब थे हो चुके हैं। मेरे साहित्य जीवन में उनका बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रहा है । हमने कई साहित्यिक यात्राएं साथ साथ की और बहुत ही अविस्मरणीय पल साथ साथ बिताए। स्तंभकार विजय केसरी ने उनकी कविता संग्रह कविता फिर भी मुस्कुराएगी के माध्यम से उनकी रचनात्मक दृष्टि को याद किया। संग्रह में शामिल 69 कविताओं में जीवन की नश्वरता, मनुष्य के अस्तित्व और संघर्ष के सवाल उभरते हैं। कवित...