हाथरस, अक्टूबर 12 -- Hathras News: हाथरस। घंटाघर स्थित अपना वाली धर्मशाला में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा में आचार्य सीपूजी महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति, निष्काम कर्म और परमात्मा के स्वरूप का आध्यात्मिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब श्रद्धा और विश्वास का समन्वय होता है। तभी परमात्मा का आविर्भाव होता है। मनुष्य को अपने नियत कर्तव्यों का पालन करते हुए निरंतर कर्म करते रहना चाहिए। फल की अपेक्षा नहीं रखनी चाहिए। यही निष्काम कर्म और सच्ची भक्ति का मार्ग है, क्योंकि कर्मों का फल प्रदान करना परमात्मा के अधिकार में है। आचार्य सीपूजी महाराज ने कहा कि मनुष्य केवल निमित्त मात्र है। उसे अहंकार का त्याग कर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। आपसी वैमनस्य, द्वेष और नफरत की भावना मनुष्यता के नहीं, बल्कि आसुरी प्रवृत्ति के प्रतीक हैं। मानव ज...