हाथरस, जुलाई 20 -- Hathras News: हाथरस। श्रीकृष्ण गौशाला में गिरिराज भगवान के पावन सानिध्य में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के तीसरे दिन आचार्य वल्लभ जी महाराज ने ध्रुव चरित्र, महाराज पृथु चरित्र, अजामिल उपाख्यान, भक्त प्रह्लाद एवं भगवान नृसिंह अवतार की दिव्य एवं प्रेरणादायी लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। कथाव्यास ने ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि पाँच वर्ष के बालक ध्रुव ने अपमान को तपस्या का संकल्प बनाया और भगवान श्रीहरि की कठोर आराधना कर ध्रुवपद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि दृढ़ निश्चय, अटूट श्रद्धा और भगवान के प्रति समर्पण से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। भगवान अपने सच्चे भक्त की पुकार अवश्य सुनते हैं। यह भी पढ़ें- भक्ति के बिना ज्ञान और वैराग्य अधूरे हैं इसके उपरांत महाराज पृथु चरित्र का वर्णन करते हुए आचार्...