हापुड़, अक्टूबर 17 -- Hapur News: विभीषण शरणागत होने के उपरांत लंका में पहुंचने को समुद्र पर सेतुबंध बनाते हुए रामेश्वर की स्थापना की गई।हनुमान द्वारा लंका दहन के बाद जब दसानन रावण को अनुज विभीषण समझाता है कि जिन सीता का हरण किया है। वे भगवान विष्णु के साक्षात अवतार राम हैं। जिन्होंने पृथ्वी पर धर्म की रक्षा और दुष्टों के संहार को जन्म लिया है। इसलिए माता सीता वापस कर उनकी शरण में चले जाना चाहिए। लेकिन सत्ता के नशे में चूर रावण ने एक न सुनी और उल्टे विभीषण को ही लंका से भाग दिया। भगवान राम लंका से हनुमान के वापस आने पर भगवान शिव की पूजा कर समुंद्र पर सेतुबंध रामेश्वर की स्थापना करते हंै। यह भी पढ़ें- Vikasnagar News: हनुमान-रावण संवाद के बाद भव्य लंका दहन उसके बाद बाली का पुत्र अंगद रावण के महलों में पहुंच जाता है, जहां वह रावण से भगवान र...